शिव मंगल सिंह सुमन जी की एक कविता "चलना हमारा काम है" की कुछ लाइनें हैं जो कि मुझे लगता है हममे से हर किसी का परिचय हो सकती हैं.
कुछ कह लिया, कुछ सुन लिया, कुछ बोझ अपना बंट गया
अच्छा हुआ तुम मिल गए, कुछ रास्ता ही कट गया
क्या राह में परिचय कहूं, राही हमारा नाम है
चलना हमारा काम है...